लालगोपालगंज इलाहाबाद श्रृंगवेरपुर धाम को जोड़ने वाले तीन प्रमुख मार्ग है जो अभी तक बदहाल पड़े है सनिवार को आरंभ हो रहा है सावन मास,शिवभक्तो के लिए घाट पर नहीं है कोई मुनासिफ़ इंतजाम लालगोपालगंज तब मजनु करी रघुकुलनाथा पूजी पार्थिव नायउ माथा श्रृंगवेरपुर धाम की महत्ता का वर्णन करने को ये चौपाई काफी है सावन मास मास की उल्टी गिनती सुरू हो गई है लेकिन धाम को जोड़ने वाले तीन प्रमुख संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त पड़े है| घाट पर चकर्ड प्लेटे नदारद है इससे कावड़ियों के पैर मे छाले की आशंका बनी है |श्रद्धालुओ ने प्रशासनिक उदासिनता पर नाराजगी जताई है |लखनऊ राजमार्ग से वाया भगौतीपुर करीब तीन किमी0 की दूरी पर श्रृंगवेरपुरधाम इस्थित है |मान्यता है की मर्यादा पुरोषोत्तम भगवान राम ने सिर्फ दो स्थान रमेश्वरम अथवा श्रृंगवेरपुर मे शिव की पार्थिव पूजा किया है | धाम की पौरणिक विशेषता को देखते हुये सावन मास मे कावड़ियों की भारी भीड़ उमड़ती है |पंडा समाज के अध्यक्ष काली सहाय त्रिपाठी की माने तो घुइसरनाथ धाम के लोग जल भले ही वहा चढाते हो लेकिन गंगा जल यही से लेकर प्रस्थान करते है राज्य सरकार विभिन्न स्थानो पर सावन मे कावड़ियों का पुष्प वर्षा से स्वागत का निर्णय लिया है |लेकिन श्रृंगवेरपुरधाम के हालाट जुदा है धाम को जोड़ने वाले तीन प्रमुख भगौतीपुर मटियारा एव कठौवापुल संपर्क मार्ग बदहाल है भिसण जल जमाव के साथ सड़के उखड़ी पड़ी है कमोबेश यही सूरत गंगा घाट पर भी है |गंगा की धारा घाट से दो किमी0 दश्रीणयान होने के कारण कावड़ियो को पैदल सफर तय करना होगा मजबूरी है जबकि घाट से चकर्ड प्लेट नदारत है साथ ही सुरक्षा मार्ग प्रकाश और पेयजल का इंतजाम नहीं किया गया है इससे सावन मास मे शिवभक्तो की आस्था आहत होने के साथ परेशानी झेलना तय है स्थानीय लोगो ने जिलाधिकारी से समाधान के मांग की है |
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