योगी का फरमान एक बाबू ने किया धड़ाम
साहब राइट टाइम , बाबू कोर्ट केस की पैरवी के बहाने गायब
लालगोपालगंज प्रयागराज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के सभी अफसरों को सवेरे 9 बजे हर हाल में कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया है और इसके साथ ही इसका कड़ाई से पालन ना करने वाले अधिकारी और बाबू पर कार्यवाही की चेतावनी भी दिया है लेकिन यहां तो योगी के सारे फरमान एक बाबू ने किए धड़ाम लालगोपालगंज नगर पंचायत कार्यालय में अधिशासी अधिकारी तो टाइम पर दफ्तर पहुंच गए उन्हीं के चलते 10 बजे का टाइम भूल कर अन्य कर्मियों को भी सुबह ही आकर दफ्तर खोलना और ड्यूटी पर तैनात रहना एक मजबूरी सा है लेकिन इन सबके बाद भी कार्यालय में तैनात लीपिक कृष्ण कुमार 10 बजे भी दफ्तर नहीं पहुंच पाते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतिदिन सुबह 9 बजे अफसरों का दफ्तर पहुचने का असर देखने के लिए हमारे संवाददाता स्थानीय नगर पंचायत कार्यालय में जाकर पड़ताल की सीएम के आदेश का अफसरों और अन्य कर्मियों पर तो असर दिख रहा था लेकिन नगर पंचायत कार्यालय में तैनात बाबू अपना ढर्रा बदलने को तैयार नहीं हैं सीएम के आदेश के बाद भी बाबू कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले बाबू का मनमानी समय पर अंगना और जाने का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा है लोगों का आरोप है कि कार्यालय में मनमानी चरम सीमा पर है यहां सारे नियम और आदेश सिर्फ छोटे कर्मचारियों के लिए ही लागू है बाबू मनमानी टाइम पर आना और जाना तो दूर माह के अधिकतर दिन वह कोर्ट केस की पैरवी बताकर गायब रहते हैं जबकि नगर पंचायत कार्यालय में कोर्ट केस के लिए एक अधिवक्ता की तैनाती की गई है इसके बाद भी केस पैरवी बताकर बाबू कार्यालय से नदारद रहते हैं जिससे लोगों को छोटे छोटे काम के लिए मजबूरन दफ्तर का चक्कर काटना पड़ता है।
साहब राइट टाइम , बाबू कोर्ट केस की पैरवी के बहाने गायब
लालगोपालगंज प्रयागराज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के सभी अफसरों को सवेरे 9 बजे हर हाल में कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया है और इसके साथ ही इसका कड़ाई से पालन ना करने वाले अधिकारी और बाबू पर कार्यवाही की चेतावनी भी दिया है लेकिन यहां तो योगी के सारे फरमान एक बाबू ने किए धड़ाम लालगोपालगंज नगर पंचायत कार्यालय में अधिशासी अधिकारी तो टाइम पर दफ्तर पहुंच गए उन्हीं के चलते 10 बजे का टाइम भूल कर अन्य कर्मियों को भी सुबह ही आकर दफ्तर खोलना और ड्यूटी पर तैनात रहना एक मजबूरी सा है लेकिन इन सबके बाद भी कार्यालय में तैनात लीपिक कृष्ण कुमार 10 बजे भी दफ्तर नहीं पहुंच पाते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतिदिन सुबह 9 बजे अफसरों का दफ्तर पहुचने का असर देखने के लिए हमारे संवाददाता स्थानीय नगर पंचायत कार्यालय में जाकर पड़ताल की सीएम के आदेश का अफसरों और अन्य कर्मियों पर तो असर दिख रहा था लेकिन नगर पंचायत कार्यालय में तैनात बाबू अपना ढर्रा बदलने को तैयार नहीं हैं सीएम के आदेश के बाद भी बाबू कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले बाबू का मनमानी समय पर अंगना और जाने का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा है लोगों का आरोप है कि कार्यालय में मनमानी चरम सीमा पर है यहां सारे नियम और आदेश सिर्फ छोटे कर्मचारियों के लिए ही लागू है बाबू मनमानी टाइम पर आना और जाना तो दूर माह के अधिकतर दिन वह कोर्ट केस की पैरवी बताकर गायब रहते हैं जबकि नगर पंचायत कार्यालय में कोर्ट केस के लिए एक अधिवक्ता की तैनाती की गई है इसके बाद भी केस पैरवी बताकर बाबू कार्यालय से नदारद रहते हैं जिससे लोगों को छोटे छोटे काम के लिए मजबूरन दफ्तर का चक्कर काटना पड़ता है।

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